
मानसून चल रहा है और शहर के एडवेंचर लवर्स अब मड चैलेंज के लिए तैयार हैं। इसको लेकर शहर के अनेक इलाकों में प्रतिभागियों ने प्रैक्टिस करना भी शुरू कर दी है।
सेफिया कॉलेज और कलियासोत ग्राउंड में रोजाना एडवेंचर लवर लगातार प्रैक्टिस कर रहे हैं। प्रतिभागी आतिफ ने बताया कि हम लगातार प्रैक्टिस कर रहे हैं। जल्द ही शहर में कई ईवेंट होने वाले हैं।
इसके लिए 25 से अधिक प्रतिभागी रोजाना प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसमें जीप, जिप्सियों, थार के अलावा अन्य गाड़ियाें से रोज प्रैक्टिस कर रहे हैं।
क्या होती है मड चैलेंज रैली
राजधानी समेत कई शहरों में मड चैलेंज रैली का आयोजन होता है। इस रैली में शामिल होने वाले प्रतिभागी पहाड़ी रास्तों पर कीचड़, पानी से सनी खराब मार्ग पर फोर-व्हील और बाइक से स्टंट के साथ अपनी रफ्तार को काबू करते हैं। मड चैलेंज रैली को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग भी पहुंचते हैं।
28 जुलाई को सीहोर में है प्रतियोगिता
28 जुलाई को सीहोर में सीजन की पहली मड चैलेंज प्रतियोगिता की जा रही है। इसमें भोपाल से 25 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। इसके अलावा रायसेन और भोपाल में भी आयोजकों ने तैयारियां कर ली हैं। अगस्त में भी शहर में कई आयोजन होंगे।
मड कार रैली रोकने के लिए शिकायत
इधर, भोपाल और आसपास के जिलों में मड कार रैली को रोकने के लिए सोशल एक्टिविस्ट राशिद नूर खान ने कलेक्टर भोपाल से शिकायत की है। उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण, प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली के एक प्रकरण 832/2019 का हवाला दिया। कहा- यदि मड कार रैली को आपके कार्यालय द्वारा आयोजन की अनुमति दी जाती है तो निरीक्षण प्रतिवेदन लिखित शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
नियम विरुद्ध बिना अनुमति आयोजित मड कार रैली में ट्रैफिक नियमों का उलंघन किया जाता है। इसमें पुराने वाहन और नाबालिग बच्चे शामिल होते हैं। इससे बड़ी दुर्घटना की आशंका रहती है। इन रैलियों का आयोजन करने वाले सोशल मीडिया से प्रचार करते हैं। इसमें कोई भी स्टेज या प्राइज नहीं होता। इनका उद्देश्य सिर्फ हुड़दंग करना होता है।
उन्होंने कहा- ऐसी गतिविधियों के कारण पर्यावरण एवं वन्य जीवों को नुकसान होता है। मानसून के समय डैम के किनारे (वेटलैंड) में शेड्यूल और संरक्षित जीवों के अंडे एवं प्रजनन काल का समय होता है। जिससे उन्हें नुकसान होता है।