ऑपरेशन मिडनाइट हैमर में ईरान पर कहर बनकर टूटा था अमेरिका

Updated on 23-06-2025 03:04 PM
वॉशिंगटन: अमेरिका ने रविवार सुबह ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने वाले इस ऑपरेशन को मिडनाइट हैमर नाम दिया है। नाम के मुताबिक ही अमेरिका ने ईरान में रात के समय भीषण हमले किए। अमेरिका और इजरायल ने दावा किया है कि हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भारी नुकसान हुआ है। अमेरिका के इस ऑपरेशन की कुछ नई डिटेल सामने आई हैं, जिसमें अमेरिकी एयरफोर्स ने ईरानी जमीन पर ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिका ने इस ऑपरेशन के लिए 130 से ज्यादा जेट, आधुनिक मिसाइलें और जमीन के नीचे तक जाने वाले 14, 000 किलो के बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया।

अमेरिका ने कम समय में ईरान में ज्यादा नुकसान करने की रणनीति पर काम किया, इसलिए अपने ऑपरेशन को मिडनाइट हैमर यानी रात में हथौड़ा चलाने का नाम दिया। अमेरिका के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डैन केन ने बताया है कि अमेरिका ने ऑपरेशन मिडनाइट के तहत ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला करने के लिए 7 B-2 स्टील्थ बमवर्षकों का इस्तेमाल किया। इन 7 बमवर्षकों के साथ 125 से ज्यादा लड़ाकू विमान भी ईरान पर हमले में शामिल थे। 7 B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल बंकर बस्टर बमों को ईरान की भूमिगत सुविधाओं पर दागने के लिए किया गया।

30,000 पाउंड के बम गिराए गए

जनरल केन ने बताया कि अमेरिकी बमवर्षकों ने दो ईरानी परमाणु सुविधाओं फोर्डो और नतांज पर एक दर्जन से अधिक 30,000 पाउंड के मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (एमओपी) बंकर बस्टर बम गिराए। ताकि अंडरग्राउंड सुविधाओं को तबाह किया जा सके। वहीं इस्फहान के परमाणु ठिकाने पर टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन मिडनाइट हैमर में ईरानी सैनिकों या ईरानी लोगों को निशाना नहीं बनाया गया।

केन ने आगे कहा, 'ईरान के लड़ाकू विमानों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई, वो उड़े ही नहीं। ऐसा लगता है कि ईरान के सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों ने पूरे मिशन के दौरान हमें नहीं देखा। हमने उनको सरप्राइज करना बरकरार रखा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर हुए इस ऑपरेशन में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तबाह कर दिया गया है।

धोखा देने की रणनीति अपनाई

ईरान पर हमले से पहले अमेरिका ने मिसौरी में व्हिटमैन एयर फोर्स बेस से प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी बेस गुआम पर रणनीतिक हवाई अड्डे पर बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षक तैनात किए थे। जनरल केन ने बताया कि अमेरिकी एयरफोर्स ने अपने इस ऑपरेशन में प्रशांत क्षेत्र में बमवर्षकों को तैनात करके एक धोखा देने वाली रणनीति का इस्तेमाल किया।
ईरान के मीडिया ने बताया कि बुशहर प्रांत में रविवार को भारी विस्फोट भी हुआ है, जो ईरान के एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र का घर है। यह अमेरिका की परमाणु स्थलों पर बमबारी करने के कुछ घंटों बाद हुआ। ईरानी समाचार एजेंसियों ने यज्द प्रांत में हमलों की भी सूचना दी है। ईरान ने ये माना है कि उससे परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों से नुकसान हुआ है।

क्या है B-2 बमवर्षक?

अमेरिका के बी-2 बमवर्षक जेट की ईरान पर हमले के बाद चर्चा है। लंबे समय बाद इस जेट का इस्तेमाल हुआ है। यह जेट एक साथ दो जीबीयू-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) बम ले जा सकता है। इसे ईरान की फोर्डो सुविधा जैसे जमीन में गहराई में दबे लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। जमीन के अंदर गहराई में जाकर लक्ष्य को भेदने की वजह से इसे बंकर बस्टर बम कहा जाता है।

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