
बिजली की ट्रांसमिशन क्षमता के मामले में भोपाल प्रदेश में अव्वल हो गया है। यहां 12 एक्स्ट्रा हाई टेंशन (ईएचटी) सबस्टेशन से रोजाना 1290 एमवीए की रिकॉर्ड सप्लाई हो रही है, जिसकी बदौलत भोपाल से लेकर आष्टा, शुजालपुर और शाजापुर तक गांव-गांव रोशन हो रहे हैं। नए साल में 2 और एक्स्ट्रा हाइटेंशन सब स्टेशन बनने के बाद भोपाल और पॉवरफुल हो जाएगा।
मंडीदीप में 400 केवी क्षमता का प्रदेश का पहला गैस इंसुलेटेड इनडोर सब स्टेशन का 95 फीसदी काम पूरा हो गया है। मंत्रालय के पास 132 केवी क्षमता का जीआईएस सब स्टेशन भी नए साल ने बन जाएगा। राजधानी में 220 और 132 केवी क्षमता के आधुनिक सबस्टेशन का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं की बिजली गुणवत्ता में बड़ा सुधार आया है।
भोपाल में 220 केवी के 4 बड़े सबस्टेशन गोविंदपुरा, आदमपुर, मुगालिया छाप और बैरागढ़ हैं। 132 केवी क्षमता के 8 सबस्टेशन हैं।
ये तीन तकनीक सिर्फ भोपाल के पास
इन तकनीक से कम ट्रिपिंग, ज्यादा भरोसेमंद सप्लाई के साथ ही उद्योगों और घरों को बेहतर वोल्टेज मिल रहा है। भविष्य में नई कॉलोनियों, मेट्रो और इंडस्ट्रियल एरिया को मजबूत बैकअप मिलेगा। शहर का बिजली नेटवर्क और मजबूत होगा।
- सुनील तिवारी, एमडी, मप्र ट्रांसको