
जेपी अस्पताल में एक्सपायरी डेट की दवाएं नष्ट करने के मामले में शुक्रवार को हेल्थ कार्पोरेशन से टीम जांच के लिए पहुंची। टीम ने यहां 2021-22 से 2024-25 में खरीदी गई सभी तरह की दवाओं का रिकॉर्ड खंगाला। दवा वितरण के ऑनलाइन रिकॉर्ड भी मांगे गए। इस दौरान खुलासा हुआ कि आराध्या नाम की फर्म से 6 लाख रुपए की खरीदी होना सामने आया है। इसका रजिस्ट्रेशन हेल्थ कार्पोरेशन में नहीं है।
इधर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव को नोटिस जारी किया है। इसमें उन्होंने 2021 से अब तक हुई दवा खरीदी की जानकारी मांगी है। वहीं क्रय आदेश, वितरण अभिलेख के दस्तावेज भी 23 मई तक उपलब्ध कराने के लिए कहा है।