
मध्यप्रदेश नर्सिंग कॉलेज घोटाले की जांच के लिए रिश्वत लेने के मामले में मंगलवार को सीबीआई ने 10 नए आरोपी घोषित किए हैं। इनमें सीबीआई के ही डीएसपी और एक इंस्पेक्टर शामिल हैं। अब मामले में 4 सीबीआई अफसरों को मिलाकर आरोपियों की संख्या कुल 23 हो गई है। वहीं, सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज को बर्खास्त कर दिया गया।
नए आरोपी डीएसपी आशीष प्रसाद और इंस्पेक्टर रिषिकांत असाठे भोपाल के शिवाजी नगर में रहते हैं। इससे पहले सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज और सुशील कुमार मजोका गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
अफसरों की रिश्वतखोरी की शिकायत के बाद सीबीआई की 7 कोर टीम और 3 से 4 सहायक टीमों ने भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत राजस्थान के जयपुर में 31 ठिकानों पर छापेमारी की थी। कुल 2.33 करोड़ नकद, चार सोने के बिस्किट और 36 डिजिटल डिवाइस जब्त की गईं। आरोपियों से 150 से अधिक अनाधिकृत दस्तावेज भी मिले।
600 कॉलेज में से 308 की दी थी जांच रिपोर्ट
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि इस मामले में अब पूरी जांच टीम ही संदेह के दायरे में आ गई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर गठित जांच टीम ने 600 में से 308 नर्सिंग कॉलेजों की जांच रिपोर्ट दी थी। इस टीम ने रीवा के सरकारी कॉलेज को अनफिट करार दिया था। वहीं, कई ऐसे कॉलेज हैं, जो फिट नहीं थे और उन्हें फिट बता दिया था।
अब दिल्ली के सीबीआई अधिकारी, भोपाल के अफसरों को पूरे मामले से अलग रखकर हर संदेही की जानकारी जुटा रहे हैं। इसके लिए सोमवार तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों को लेकर एक टीम दिल्ली गई है।
राहुल राज की टीम के पास 60 कॉलेजों की जांच थी
जांच में पता चला है कि नर्सिंग कॉलेजों के निरीक्षण के एवज में वसूली का गिरोह सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज चलाता था। राहुल की टीम के पास 60 कॉलेजों की जांच थी। उसने अलग-अलग जिलों में बिचौलियों की टीम तैयार कर रखी थी। वह इनसे लगातार संपर्क में रहने के साथ बैठक भी करता था। जिस कॉलेज से सौदा तय होता था, उनके यहां निरीक्षण का समय और दिन पहले ही बता दिया जाता था। उगाही से मिली राशि राहुल राज राजस्थान के झालावाड़ निवासी धर्मपाल तक पहुंचाता था। इसके लिए भी इसी गिरोह के नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
सुमा भास्करन ने दी थी 10 लाख की रिश्वत
सीबीआई की छापेमारी के दौरान सबसे पहले इंस्पेक्टर राहुल राज को 10 लाख रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। रिश्वत देने वाले 4 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया था। इनमें नर्सिंग कॉलेज के मालिक अनिल भास्करन की पत्नी सुमा भी शामिल थीं।
सीबीआई ने दलाल के रूप में काम कर रहे ओम गोस्वामी, रवि भदौरिया और जुगल किशोर सहित तीन महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है।
CBI इंस्पेक्टर के घर से सोने के बिस्किट मिले
CBI की एक टीम ने भोपाल में इंस्पेक्टर राहुल राज के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित घर पर छापा मारा। तलाशी में 7 लाख 88 हजार रुपए नकद और 100-100 ग्राम के सोने के बिस्किट मिले। राहुल को अगस्त 2023 में उत्कृष्ट जांच के लिए केंद्रीय गृहमंत्री पदक से सम्मानित किया गया था। वे CBI के उन 15 अफसरों में शामिल थे, जिन्हें यह सम्मान मिला था।
वहीं, इंस्पेक्टर सुशील मजोका को मध्यप्रदेश पुलिस से डेप्युटेशन पर CBI, भोपाल भेजा गया था।
रिश्वत के लेन-देन में करते थे कोडवर्ड का यूज
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई खुलासे हुए हैं। आरोपी रिश्वत के लेन-देन में छाछ गिलास, अचार की बरनी जैसे विशेष कोडवर्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। पैसा उठाने वाले को कैरियर, लाखों रुपए को अचार की बरनी और रुपयों की गिनती को किलो आम कहते थे।
NSUI ने की थी CBI को रिश्वतखोरी की शिकायत
इंस्पेक्टर राहुल राज की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी के बाद NSUI ने दावा किया कि उनकी शिकायत पर CBI ने एक्शन लिया। NSUI मेडिकल विंग के प्रदेश समन्वयक रवि परमार ने 15 अप्रैल को CBI कार्यालय पहुंचकर शिकायत की थी। जिसके बाद CBI ने कुछ विभागीय लोगों को जांच के रडार पर लिया।
परमार ने कहा कि वे जल्द ही अन्य भ्रष्टाचारी निरीक्षकों और नर्सिंग फर्जीवाड़े में शामिल नर्सिंग कॉलेज संचालकों और दलालों की जानकारी CBI को सौंपेंगे।