
4 जून को होने वाली लोकसभा चुनाव की मतगणना के पहले कांग्रेस सतर्क है। काउंटिंग में गड़बड़ी आशंका को देखते हुए कांग्रेस मप्र की 27 लोकसभा सीटों के काउंटिंग एजेंट्स की ट्रेनिंग के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार करेगी। 25 मई को भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में 27 लोकसभाओं के करीब 100 मास्टर ट्रेनर्स को एक्सपर्ट के जरिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
27 लोकसभाओं के कैंडिडेट्स के वर्कर होंगे ट्रेंड
एमपी कांग्रेस के चुनाव आयोग कार्य विभाग के प्रभारी जेपी धनोपिया ने बताया कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को भोपाल में हुई लोकसभा प्रत्याशियों की 20 तारीख को बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में चर्चा हुई थी कि इस मतगणना के संबंध में बारीकी से निगरानी और जांच की आवश्यकता है। कई तकनीकी बिंदुओं पर प्रशिक्षण की जरूरत है।
इन सब को लेकर 25 मई को भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में सभी लोकसभाओं इंदौर और खजुराहो को छोड़ दिया जाए तो हर प्रत्याशी के दो-तीन लोगों को यहां ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें तकनीकी कारण बताए जाएंगे कि कैसे 80-85 साल के लोगों के वोट देखे जाएंगे, कैसे पोस्टल बैलेट की गिनती होगी, कैसे ईवीएम का रखरखाव किया जाएगा, कैसे उसकी गणना होगी, कैसे पर्चियां की गिनती की जाएगी। इन सारी चीजों के बारे में बारीकी से जानकारी देने के लिए यहां प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ट्रेनिंग देंगे।
मास्टर ट्रेनर करेंगे काउंटिंग एजेंट्स को ट्रेंड
धनोपिया ने बताया कि भोपाल में ट्रेनिंग के बाद मास्टर ट्रेनर जो वह यहां से सीख कर समझ कर जाएंगे। सब भ्रांतियां समझने के बाद वह आगे लोकसभा की मतगणना के अभिकर्ता नियुक्त किए जाने हैं। हर लोकसभा क्षेत्र में औसतन दो से ढ़ाई हजार मतदान केंद्र है, सभी के अलग-अलग एजेंट नियुक्त होते हैं। इन सभी काउंटिंग एजेंट्स को मतगणना की बारीकियां बताई जाएंगी।
4 जून को भोपाल में बनेगा कंट्रोल रुम
4 जून को भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक कंट्रोल रुम स्थापित होगा। जिसमें हमारे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, वरिष्ठ नेता कमलनाथ , दिग्विजय सिंह मौजूद रहेंगे। कहीं भी कुछ भी समस्या होती है तो हम चुनाव आयोग से संपर्क करके समस्या का हल करेंगे।
फार्म 17C से होगी क्रॉसमैचिंग
धनोपिया ने कहा- हमारी तैयारी है कि जिन-जिन जगह पर मतदान केंद्रों से फॉर्म 17c प्राप्त हुए हैं। हम समरी बनवा कर उनको कंसोलिडेटेड कर रहे हैं। हर मतदान केंद्र से एक 17सी का फॉर्म मिलता है जिसमें मशीन का नंबर होता है, मतों की संख्या होती है और कितने मत डाले वह होता है। उसकी समरी बनाकर हम मतगणना करते समय ईवीएम मशीन के साथ 17सी फॉर्म का टैली करेंगे। देखेंगे कि कोई अंतर तो नहीं आ रहा, अंतर होगा तो हम शिकायत करेंगे। अगर 17सी फॉर्म के साथ हमारी मतगणना की संख्या मिल जाती है तो तो उसके बाद जो भी बढ़ाने का फर्जीवाड़ा हुआ है वह मायने नहीं रखता।