
भोपाल लोकसभा सीट के लिए 7 मई को हुए मतदान के बाद पुरानी जेल स्थित स्ट्राॅन्ग रूम में रखी हुईं लगभग 4200 ईवीएम की निगरानी के लिए कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई है। 24 घंटे कांग्रेस का कोई न कोई एक कार्यकर्ता स्ट्राॅन्ग रूम के सामने तैनात रहता है। उस कार्यकर्ता का केवल एक ही काम है कि वह यह देखता रहे कि कहीं सीसीटीवी कैमरे बंद तो नहीं हो गए या बिजली गुल तो नहीं हुई।
खास बात यह है कि भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं की ऐसी कोई ड्यूटी नहीं लगाई है। मतदान और 4 जून को होने वाली मतगणना के बीच 28 दिन के लिए पार्टी ने बारी-बारी से 5 कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई है। एक बार में एक कार्यकर्ता 4 से 6 घंटे की ड्यूटी कर रहा है। वह परिसर से तभी बाहर आता है जब उसका रिलीवर भीतर आ जाए।
4200 ईवीएम रखी हैं स्ट्रॉन्ग रूम में
तीन स्तर पर जांच के बाद एंट्री- स्ट्रॉन्ग रूम तक आने के लिए मैन गेट से लेकर अंदर तक तीन स्तर पर एंट्री होती है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा बनाए गए पास को दिखाना होता है। हर एंट्री पर नाम पता और नंबर के साथ साइन करना होता है।
प्रशासन की ओर से 72 अफसरों की ड्यूटी
भोपाल लोकसभा सीट में शामिल सीहोर विधानसभा की ईवीएम भोपाल नहीं आईं हैं। उनकी गिनती सीहोर में ही होगी इसलिए इन ईवीएम को वहीं स्ट्राॅन्ग रूम में रखा गया है। भोपाल में स्ट्राॅन्ग रूम की व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन ने भी 72 गजेटेड अफसरों की ड्यूटी लगाई है। एक अफसर को केवल बार 8 घंटे की ड्यूटी करना पड़ेगी। इसके अलावा यहां सुरक्षाकर्मी भी तैनात हैं। राजनीतिक दलों की मांग पर ऐसी व्यवस्था की गई है कि वे ईवीएम को देखते रहें और उन्हें यह भरोसा रहे कि इनमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
विधानसभा चुनाव में रहती है ज्यादा चहल-पहल
नगर निगम और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या अधिक होती है, इसलिए यहां तैनात होने वाले कार्यकर्ता भी अधिक होते हैं। इन चुनावों में भाजपा प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधि भी चक्कर काटते रहते हैं। संख्या अधिक होने से चर्चा और गीत-संगीत और भजन का दौर भी चलता रहता है। मंगलवार की शाम को यहां तैनात रहे कांग्रेस के अनिल जाधव ने कहा कि पार्टी की जिम्मेदारी है।
वे शाम को तभी बाहर निकले जब उनके साथी सीताराम यादव आ गए। अनिल और सीताराम यादव ने कहा कि अब तक एक बार भी बिजली गुल या सीसीटीवी कैमरे बंद होने जैसी कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन निगरानी तो रखना ही होगी। आराम के लिए गद्दे लगे हैं, लेकिन टाइम पास करना मुश्किल है। उनके अलावा अकबर खान, प्रमोद प्रजापति और मुजाहिद सिद्दीकी भी अलग-अलग समय में ड्यूटी कर रहे हैं।