शिक्षक संगठन के इस पत्र में कहा गया है कि एक जून से शिक्षकों के लिए एवं 15 जून से बच्चों के लिए विद्यालय प्रारंभ किए जाने के निर्देश हैं। वहीं जून के प्रथम सप्ताह में पांचवीं व आठवीं और 10वीं व 12वीं की पूरक परीक्षा भी होनी है। इस चिलचिलाती गर्मी में बच्चों को स्कूल आना उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उचित नहीं है। वहीं इस वर्ष शिक्षकों को भी ग्रीष्मावकाश का पूर्ण लाभ प्राप्त नहीं हो सका है। इस साल ग्रीष्मकालीन अवकाश 40 दिन के बदले 31 दिन का मिला है। वहीं 15 मई तक तो शिक्षक लोकसभा चुनाव में लगे रहे। जहां चुनाव अप्रैल में हो गए, वहां अकादमिक प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिए गए। वहीं मई में पुर्नमूल्यांकन, पुस्तक-वितरण, मध्यान्ह भोजन की जानकारी, छात्रवृत्ति खाते अद्यतन करने, ड्राप बाक्स के छात्रों के प्रोफाइल अपडेट एवं साक्षरता सर्वे में शिक्षक लगे रहे। शिक्षकों को भी कम से कम 15 दिन का अतिरिक्त ग्रीष्मावकाश प्रदान किया जाना चाहिए या संपूर्ण अवधि को अर्जित अवकाश के लिए मान्य किया जाना चाहिए । संगठन ने मांग की है कि शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के बदले में अर्जित अवकाश की पात्रता प्रदान की जाए। बच्चों के लिए स्कूल एक जुलाई से प्रारंभ किया जाए।