
नगर निगम में एक बार फिर डीजल का खेल चर्चाओं में है। यह जीपीएस, इंडेंट और एवरेज की जांच के बाद गाड़ियों को रोजाना दिए जा रहे डीजल में शुरू की गई कटौती के कारण शुरू हुआ हैं। दरअसल, वाहन चालकों के अलावा निगम के कुछ अधिकारियों को भी कटौती रास नहीं आ रही है। वे पुरानी व्यवस्था को बहाल कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। हालांकि, निगम के आला अधिकारी इसे कटौती के बजाय रेसलाइजेशन कहकर आगे भी जारी रखने की बात कह रहे हैं।
पिछले एक हफ्ते में खासकर कचरा कलेक्शन से जुड़ी गाड़ियों की जीपीएस ट्रैकिंग, इनको दिए डीजल और गाड़ियों के एवरेज का आंकलन किया गया। पता चला कि जोन में चलने वाली गाड़ी को एक दिन में 60 से 70 लीटर डीजल दिया जा रहा है। गाड़ी का एवरेज दो किमी प्रति लीटर बताया गया है। यानी गाड़ी प्रतिदिन 120 से 140 किमी चल रही है। जबकि अधिकारियों का दावा है कि एक दिन में एक जोन में एक गाड़ी का इतना चलना संभव नहीं है। वहीं कचरा कलेक्शन समेत अन्य व्यवस्थाओं में लगी गाड़ियों का रिकॉर्ड देखते हुए डीजल में 5 से 15 लीटर रोजाना की कटौती की गई है। अभी निगम का एक दिन में 2000 लीटर डीजल बच रहा है।
मैनिट से कराएंगे एवरेज निर्धारण
डीजल की खपत का सीधा वास्ता गाड़ियों के एवरेज से होता है। कोई गाड़ी जितना एवरेज देती है, उसी के हिसाब से उसको डीजल दिया जाता है। लेकिन अभी निगम एक अनुमान के हिसाब से ही गाड़ियों को डीजल दे रहा है। ऐसे में नगर निगम मैनिट से गाड़ियों के एवरेज का निर्धारण कराएगा। इसके लिए जल्द ही निगम की टीम मैनिट के साथ बात करेगी।
अब फिर लगाए जाएंगे जीपीएस
अभी निगम के पास 1500 से ज्यादा वाहन हैं। इनमें से महज 400 गाड़ियों में ही जीपीएस सिस्टम लगे हैं। यह सिस्टम 2015-16 में शुरू हुआ था, तब 800 से ज्यादा गाड़ियों में जीपीएस लगाए गए थे। अब नगर निगम दोबारा सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगवाने की तैयारी कर रहा है। जीपीएस लगा होने पर यह पता चलता है कि दिनभर में गाड़ी कहां और कितने किलोमीटर चली। इसकी हररोज की रिपोर्ट भी निकलती है।
अभी के लिए यह होगी व्यवस्था
नई व्यवस्था में वाहन चालकों को डीजल लेने से पहले पूरी इंडेंट बुक और लॉगबुक भी दिखानी होगी। इससे यह पता चलेगा कि पर्ची पर संबंधित अधिकारी के साइन असली हैं या नहीं? पिछली बार कब और कितना डीजल दिया गया था? गाड़ी कितनी चली। इसके हिसाब से गाड़ी को डीजल दिया जाएगा।
फिर होगा गाड़ियों का डीजल निर्धारण
जीपीएस लगने और मैनिट से गाड़ियों का एवरेज निर्धारित होने के बाद निगम की तमाम गाड़ियों के लिए डीजल का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। किसी भी गाड़ी की प्रतिदिन की रनिंग और एवरेज के हिसाब से जो खपत होगी, उसी मान से डीजल दिया जाएगा।
डीजल में कटौती नहीं की जा रही है। बल्कि युक्तियुक्तकरण किया गया है। जिस गाड़ी में जितनी जरूरत है, उतना दिया जाएगा। जिनकी जरूरत कम है, उन्हें कम दिया जाएगा। इसके लिए सभी गाड़ियों में जीपीएस लगाएंगे। मैनिट से गाड़ियों का एवरेज निर्धारित कराएंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हरेंद्र नारायण, कमिश्नर, नगर निगम