हर घर मुकदमेबाजी में होगा... डोमेस्टिक वर्कर्स पर सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा ऐसा? सर्विस देने वाली एजेंसियों पर भी टिप्पणी

Updated on 30-01-2026 01:15 PM
नई दिल्ली: बड़े शहरों में ऐसी काफी एजेंसियां खड़ी हो गई हैं जो घरेलू काम के लिए वर्कर उपलब्ध कराती हैं। इनके एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में घरेलू कामगारों (डोमेस्टिक वर्कर्स) के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करने और उसे लागू करने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा बनाने की मांग की गई थी।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले में कोर्ट के अधिकार सीमित हैं। कोर्ट केंद्र और राज्यों को मौजूदा कानूनों में संशोधन करने का निर्देश नहीं दे सकता। पीठ ने यह भी चिंता जताई कि न्यूनतम मजदूरी को अनिवार्य करने से उल्टा असर हो सकता है। उन्हें डर था कि ट्रेड यूनियनें हर घर को मुकदमेबाजी में घसीट सकती हैं।

क्या कहा कोर्ट ने?

सीजेआई ने कहा, 'हर घर मुकदमेबाजी में होगा... एक बार न्यूनतम मजदूरी तय हो गई, तो लोग काम पर रखने से मना कर देंगे। मुझे बताइए, कितनी इंडस्ट्रीज ट्रेड यूनियनों का इस्तेमाल करके सफलतापूर्वक काम पर रख पाई हैं। गन्ने की सारी यूनियन बंद हो गईं। जब न्यूनतम मजदूरी लागू होगी, तो ये यूनियन यह सुनिश्चित करेंगी कि हर घर को मुकदमेबाजी में घसीटा जाए।'

घरेलू कामगारों का शोषण

पीठ ने माना कि घरेलू कामगारों का शोषण होता है। CJI ने कहा, लेकिन शोषण से निपटने के तरीके हैं। लोगों को उनके व्यक्तिगत अधिकारों के बारे में और अधिक जागरूक किया जाना चाहिए था, लोगों को और अधिक कुशल बनाया जाना चाहिए था, कई अन्य सुधार किए जाने चाहिए थे। पूरे देश में लाखों घरेलू सहायकों की दयनीय स्थिति को स्वीकार करते हुए CJI ने कहा कि न्यायपालिका कानून बनाने के लिए विधायिका क्षेत्र में दखल नहीं दे सकती।सुप्रीम कोर्ट ने सर्विस देने वाली एजेंसियों की ओर से श्रमिकों के शोषण पर चिंता व्यक्त की और कहा कि शहरी क्षेत्रों में ये एजेंसियां अब 'वास्तविक शोषक' बनकर उभरी है। चीफ जस्टिस ने कहा कि मैंने इसे व्यक्तिगत रूप से और आधिकारिक तौर पर देखा है। सीजेआई ने कहा कि सभी बड़े शहरों में सेवा प्रदाता एजेंसियों का वर्चस्व हो गया है। उन्होंने कहा कि अब आप केवल इन्हीं संस्थाओं की सेवाएं लेते हैं। सभी बड़े शहरों में ये बड़ी संस्थाएं मौजूद हैं, जो इन लोगों का शोषण कर रही हैं। यही असली शोषक है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 13 March 2026
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में टेंशन के बीच होर्मुज स्‍ट्रेट का नाम हर किसी की जुबान पर है। यह ईरान के दक्षिण में पतला पानी का रास्‍ता है। फारस की खाड़ी…
 13 March 2026
नई दिल्‍ली: महेश चूरी पालघर (महाराष्‍ट्र) के गांव बोर्डी के रहने वाले हैं। उन्‍होंने इस गांव में ही बिजनेस का जबरदस्‍त मॉडल खड़ा करके दिखाया है। वह 'चीकू पार्लर' के…
 13 March 2026
नई दिल्‍ली: स्थानीय शेयर बाजारों में बीते गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई थी। पश्चिम एशिया में संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में तेजी आने से ऐसा हुआ…
 13 March 2026
नई दिल्लीः बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने गुरुवार को निवेशकों की मृत्यु के बाद उनके शेयरों और निवेश को वारिसों के नाम ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रस्ताव…
 13 March 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में भी संघर्ष बढ़ गया है। इसके चलते भारत और चीन समेत कई एशियाई देशों को होने वाली तेल और गैस की सप्लाई…
 11 March 2026
नई दिल्‍ली: स्थानीय शेयर बाजारों में बीते मंगलवार को दो दिन से जारी भारी गिरावट पर ब्रेक लगा था। बीएसई सेंसेक्स 640 अंक के फायदे में रहा था। जबकि एनएसई निफ्टी…
 11 March 2026
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों के लिए डिविडेंड (लाभांश) देने से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब बैंक अपने शेयरधारकों को अपने…
 11 March 2026
नई दिल्‍ली: केवीएस मणियन बैंकिंग जगत में जाना-माना नाम हैं। वह फेडरल बैंक के एमडी और सीईओ हैं। सितंबर 2024 में उन्‍होंने इस बैंक की कमान संभाली थी। इस बैंक का…
 11 March 2026
नई दिल्ली: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंस्ट्रीज अमेरिका में बनने वाली ऑयल रिफाइनरी में निवेश करेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका दावा किया है। इसके लिउ उन्होंने रिलायंस को…
Advt.