
राजधानी समेत इंदौर और ग्वालियर में अगले महीने से सभी तरह के छोटे-बड़े वाहनों की फिटनेस व्यवस्था निजी हाथों में सौंप दी जाएगी। इसके तहत जहां वाहन मालिकों को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) से 24 घंटे फिटनेस कराने जैसी सुविधा मिलेगी।
वहीं, लोगों को इसके लिए मौजूदा दरों से दोगुनी तक फीस चुकानी होगी। दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने अक्टूबर 2024 से सभी वाहनों की फिटनेस जांच एटीएस से कराना अनिवार्य कर दिया है। इसलिए तीनों शहरों में एटीएस तैयार किए गए हैं।
परिवहन विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो मोर्थ की ओर से 2022 में दो नोटिफिकेशन जारी किए गए थे। इसके आधार पर ही एनआईसी ने पोर्टल तैयार किया है। 14 मार्च 2024 को मर्थ ने तीसरा नोटिफिकेशन भी जारी किया है।
पोर्टल को इसके मुताबिक अपग्रेड कर रहे हैं। अक्टूबर से पहले बारिश का सीजन रहता है, इसलिए विभाग चाहता है कि एटीएस जल्द चालू हो जाए। इसको ध्यान में रखकर एनआईसी को पत्र लिखा है कि पोर्टल को अभी की स्थिति में शुरू करें।
पड़ोसी राज्यों में इसी व्यवस्था में शुरू हुए एटीएस
पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र, राजस्थान और यूपी में इसी स्थिति में एटीएस शुरू किए गए हैं। इधर, फीस पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाना है, इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस पर आचार संहिता के बाद अनुमति मिल सकेगी। ऐसे में उम्मीद है कि आचार संहिता हटने के बाद तमाम कागजी कार्रवाईयां पूरी कर ली जाएंगी। ऐसे में 15 जून के आसपास भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सभी तरह के वाहनों की फिटनेस एटीएस से होने लगेगीं।
मौजूदा बिल्डिंग और ट्रैक होंगे अनुपयोगी... कोकता के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरटीओ में मैनुअल की जाती है। इसके लिए यहां लाखों की लागत से न सिर्फ ट्रैक बनाया गया है बल्कि ऑफिस की अलग बिल्डिंग भी बनाई गई है। यहां आरटीओ के कर्मचारी कतार में लगे वाहनों की फिटनेस जांचते हैं। प्राइवेट कंपनी ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन कान्हासैया में बनाया है।
भोपाल, इंदौर और ग्वालियर के ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन तैयार हैं। मोर्थ के नए नोटिफिकेशन के हिसाब से अपग्रेड करना बाकी है। कुछ राज्यों में अपग्रेड से पहले शुरू हुए हैं। इसके लिए एनआईसी को पत्र लिखा है ताकि, जल्द शुरू किए जा सकें।
-उमेश जोगा, अपर आयुक्त, परिवहन