
भोपाल। अब गंभीर स्थिति में एम्स अस्पताल पहुंचे मरीजों को आपातकालीन उपचार के लिए कई दफ्तरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। गंभीर अवस्था में मरीज के अस्पताल पहुंचते ही आपातकालीन ओपीडी में चिकित्सक से लेकर सहायक स्वास्थ्य कर्मियों तक की सुविधा आपातकालीन ओपीडी में ही मिलेगी। आपातकालीन ओपीडी कक्ष में ड्रेसिग कक्ष, दवा भंडार तथा ड्रेसर, सहायक स्वास्थ्य कर्मी होंगे।
आपातकालीन ओपीडी शुरू करने वाला देश का पहला एम्स संस्थान बन गया है। इससे मरीजों को समय पर उपचार प्रदान कर जीवन बचाया जा सकेगा। इस इमरजेंसी ओपीडी द्वारा मरीज को त्वरित चिकित्सा सेवा मिल सकेगी। इमरजेंसी ओपीडी की प्रभारी डा. रश्मि वर्मा ने बताया कि यह इमरजेंसी ओपीडी सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे लोगों की सेवा में तत्पर रहेगी।
इस अवसर पर छठी कक्षा में पढ़ने वाले शिवांश गौड़ ने एक शानदार कॉमिक के जरिए गर्मी से खुद को सुरक्षित रखने के तरीके बताए, जिसे बाद में मरीज और उनके परिजनों के बीच वितरित भी किया गया। इसके अलावा कम खर्च में बेहतर इलाज के साथ मरीज को संतुष्टि भी मिलती है। इस दौरान विभाग के प्रमुख डा. यूनुस और डा. भूपेश्वरी ने जलवायु परिवर्तन का आपातकालीन चिकित्सा पर प्रभाव, विशेष कर गर्मी के दौरान होने वाली बीमारियों पर जानकारी प्रदान की।