
मप्र में चुनाव आयोग के पास सरकार की ओर से जिन 120 कामों की मंजूरी मांगी गई थी, उसमें से 100 में ही सशर्त मंजूरी मिली है। इन कामों से वोटर को प्रभावित नहीं किया जाएगा। दरअसल, 4 जून को चुनाव नतीजे आने तक आचार संहिता प्रभावी रहेगी।
ऐसे में मप्र के 47 हजार गरीब परिवारों को 20 किलो अनाज (गेहूं-चावल) और एक किलो नमक के लिए अभी इंतजार करना होगा, क्योंकि इनकी पात्रता पर्ची पेंडिंग में चली गई है। इसके साथ ही विधायकों, मंत्रियों और सांसदों की निधि से नए काम पर भी रोक बरकरार रहने वाली है। पूरे प्रदेश में ‘माननीयों’ की निधि से होने वाले ढाई हजार से ज्यादा कामों की सूची है।
यहां बता दें कि 16 मार्च से देश में आचार संहिता लागू है। दूसरी तरफ आयोग ने जिन कामों की मंजूरी नहीं दी है, उनमें पात्रता पर्ची का मामला बड़ा है। चार जून तक इनके लाभार्थियों की संख्या और बढ़ जाएगी। आयोग का मानना है कि पात्रता पर्ची से सीधे वोटर प्रभावित हो सकता है।
इन कामों को आयोग की मंजूरी नहीं
आचार संहिता के साथ सभी पहलुओं का ध्यान रखते हुए सशर्त अनुमति दी गई है। कुछ कामों को मतदान तक के लिए स्थगित किया गया है। जो कार्य पूर्व से चल रहे हैं, उनमें कोई रोक नहीं है।’
- अनुपम राजन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मप्र