
साथ ही नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायन ने निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर स्वतंत्र विचरण करने वाले पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस, गोशालाओं में भेजने की कार्रवाई करें। इसके अलावा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन न करने वाले पशु पालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
नगर निगम आयुक्त ने वर्षा के दौरान शहर में बेसहारा गोवंश की बढ़ती संख्या को देखते हुस समीक्षा की और कहा कि इनकी वजह से आवागमन बाधित होता है और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर गोवंश के कारण दुर्घटनाएं भी हो रही है।
जिसमें नागरिकों के घायल होने के साथ ही गोवंश के घायल होने की घटनाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है। भोपाल नगर निगम की गौवर्धन परियोजना शाखा द्वारा प्रतिदिन औसतन 30 गोवंश को आसरा और पशु चिकित्सालयों में उपचार के लिए भेजा जा रहा है। जबकि पहले यह संख्या 10 के आसपास थी। तीन गुना होने के बाद भी में सुधार नहीं है। शहर में जगह जग गोवंश सड़कों पर नजर आता है।