
दरअसल, डीपीआई की ओर से प्राथमिक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक और माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को व्याख्याता पद के लिए काउंसलिंग की जा रही है। काउंसलिंग में सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की योग्यता को लेकर है। जिन शिक्षकों ने डीएड, बीटीआई या अन्य योग्यता ली, उसे पिछले साल उच्च पद प्रभार की काउंसलिंग में मान्य किया गया था, लेकिन इस बार काउंसलिंग में उसे अमान्य किया जा रहा था। इससे प्रदेश में हजारों शिक्षक परेशान थे।