भोपाल। शहर के बैरागढ़ थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षकों को डीसीपी ने लाइन हाजिर कर दिया हैं। इन चारों पुलिसकर्मियों पर झूठे केस में फंसाने की एवज में व्यापारी से एक लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है। घटना के बाद व्यापारी ने डीसीपी को लिखित शिकायत की थी। साथ ही लिखा था कि यदि उसे परेशान किया गया तो वह खुदकुशी कर लेगा।
थाने ले जाकर धमकाया
जानकारी के अनुसार बैरागढ़ निवासी विनय खूबचंदानी निजी काम करते हैं। बुधवार को उनके घर पर कार्यक्रम चल रहा था। जिसमें कई रिश्तेदार भी मौजूद थे। रात के समय पर घर के सामने खड़ी अपनी कार में बैठे थे, तभी थाने के प्रधान आरक्षक दीपक गुरुवानी, आरक्षक अर्जुन वर्मा, आरक्षक तरुण गौर और आरक्षक सरवर विश्वकर्मा वहां पहुंचे और अपने साथ थाने ले गए। कुछ देर तक थाने में बिठाने के बाद वह उनपर सट्टा खेलने का आरोप लगाने लगे। विनय ने जब बताया कि वह इस कारोबार से दूर हैं, लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगे। उसके बाद एक लाख रुपये लेने के बाद ही उन्हें थाने से जाने दिया। घटना के बाद विनय ने चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ डीसीपी को आवेदन दिया था। डीसीपी ने मामले की जांच बैरागढ़ एसीपी को दी थी। एसीपी ने जांच करते हुए एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षकों को लाइन हाजिर कर दिया है।