नई दिल्ली: हिंदुजा ग्रुप (Hinduja Group) के भारतीय मूल के चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा एक बार फिर ब्रिटेन के सबसे अमीर व्यक्ति बने हैं। यह लगातार छठा मौका है जब हिंदुजा परिवार ने बाजी मारी है। संडे टाइम्स रिच लिस्ट के मुताबिक हिंदुजा परिवार की नेटवर्थ 37.196 अरब पाउंड है। पिछले एक साल के दौरान इस परिवार की नेटवर्थ में 2.196 अरब पाउंड का इजाफा हुआ है। दोस्तों के बीच जीपी के नाम से मशहूर गोपीचंद हिंदुजा का जन्म 1940 में भारत में हुआ था और वह हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड के मुखिया है। पिछले साल बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा की मौत के बाद वह हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन बने थे। गोपीचंद ने मुंबई के जैन हिंद कॉलेज से 1959 में ग्रेजुएशन किया। हिंदुजा परिवार की नींव परमानंद हिंदुजा ने 1914 में रखी थी। लेकिन गोपीचंद और उनके भाइयों ने इसे ऊंचाइयों पर पहुंचाया। आज इस ग्रुप का कारोबार ऑटो, आईटी, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, ऑयल एंड स्पेशिएल्टी केमिकल्स, बैंकिंग एंड फाइनेंस, पावर जेनरेशन, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर सहित कई सेक्टर्स में फैला है। इसी ग्रुप ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए सबसे बड़ी बोली लगाई है। एक नजर हिंदुजा परिवार की सक्सेस पर...
हिंदुजा ग्रुप की स्थापना सिंध के शिकारपुर शहर के रहने वाले युवा उद्यमी परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने 1914 में की थी। 1919 में कंपनी ने ईरान में अपना ऑफिस खोला। इसके बाद अगले 60 साल तक ईरान ही इस कंपनी का हेडक्वार्टर रहा। लेकिन 1979 में इस्लामिक क्रांति के कारण ईरान के शाह का पतन हो गया। इस उथलपुथल के बीच हिंदुजा ग्रुप ने अपना हेडक्वार्टर ईरान से बाहर ले जाने का फैसला किया। ग्रुप का अगला ठिकाना था ब्रिटेन की राजधानी लंदन। इस ग्रुप की शुरुआत मर्चेंट बैंकिंग और ट्रेड से हुई थी। आज हिंदुजा ग्रुप का कारोबार 48 देशों में फैला है और इसमें 150,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। भारत में इस ग्रुप की छह लिस्टेड कंपनियां हैं। इनमें ऑटो कंपनी अशोक लीलैंड्स (Ashok Leyland) और इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) शामिल हैं।
बेटों ने फैलाया बिजनस
साल 1971 में परमानंद दीपचंद के निधन के बाद उनके चार बेटों ने हिंदुजा ग्रुप के कारोबार को पूरी दुनिया में फैलाया। अशोक लीलैंड भारत में कमर्शियल वीकल बनाने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी की दुनियाभर में करीब 10 प्रॉडक्शन यूनिट्स हैं। इस कंपनी ने 1997 में भारत की पहली सीएनजी बस उतारी थी। 1994 में हिंदुजा ग्रुप ने भारत के बैंकिंग सेक्टर में एंट्री मारी। साल 2000 में हिंदुजा ग्रुप ने हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस की स्थापना की। यह ग्रुप की बीपीओ कंपनी है। हिंदुजा ग्रुप ने साल 1984 में जाने माने ब्रांड गल्फ को भी खरीदा था और बाद में इसका नाम गल्फ ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (Gulf Oil Corporation Ltd) कर दिया था। इसे ग्रुप का सबसे अहम अधिग्रहण माना जाता है। साल 1987 में हिंदुजा ग्रुप ने अशोक लीलैंड को भी खरीद लिया जो आज देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी है।
हिंदुजा भाइयों में श्रीचंद पी हिंदुजा सबसे बड़े थे जिनका पिछले साल 87 साल की उम्र में निधन हो गया। गोपीचंद हिंदुजा दूसरे नंबर के, प्रकाश पी हिंदुजा तीसरे और अशोक पी हिंदुजा सबसे छोटे भाई हैं। दोस्तों के बीच एसपी के नाम से जाने जाने वाले श्रीचंद हिंदुजा ने 1952 में फैमिली बिजनस जॉइन किया था। हर भाई के पास कारोबार की अलग-अलग जिम्मेदारी है। गोपीचंद हिंदुजा पूरे ग्रुप के चेयरमैन हैं। प्रकाश यूरोप में हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन हैं, जबकि अशोक भारत में हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन है। गोपीचंद लंदन में रहते हैं। प्रकाश मोनैको में रहते हैं जबकि अशोक भारत में रहते हैं।
झगड़े की जड़
कुछ समय पहले हिंदुजा परिवार में अनबन की खबरें भी सामने आई थीं। इसकी जड़ दो जुलाई 2014 में हुआ एक समझौता था। इस पर चारों भाइयों ने हस्ताक्षर किए थे। इसमें कहा गया था कि परिवार का सबकुछ प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित है और कुछ भी किसी से भी संबंधित नहीं है। लेकिन श्रीचंद हिंदुजा के परिवार ने इसकी वैधता को कोर्ट में चुनौती दी थी। कुछ समय पहले लंदन की एक अदालत में बताया गया था कि परिवार इस समझौते को रद्द करने के लिए सहमत हो गए हैं। इसके साथ ही परिवार के बंटवारे की सुगबुगाहट भी तेज हो गई थी। हालांकि फिलहाल इसकी डिटेल अब तक नहीं आई है।