
अगर आप 10वीं-12वीं में फेल हो गए हैं, और इस साल ही पास होना चाहते हैं तो आप राज्य ओपन बोर्ड से 'रुक जाना नहीं योजना' के तहत फॉर्म भर सकते हैं। इसके लिए आपको फॉर्म अगस्त से पहले भरना होगा, क्योंकि इसके पहले चरण में करीब 2 लाख 46 हजार छात्रों ने फॉर्म भरे हैं, इसका दूसरा एग्जाम दिसंबर माह में होगा, जिसके लिए आपको 28 अगस्त में इसका फॉर्म भरना होगा। बता दें कि दसवीं-बारहवीं में कुल 5.60 लाख स्टूडेंट्स फेल हुए थे इसमें से करीब छात्रों ने राज्य ओपन बोर्ड से पहले सेशन में फॉर्म भरा है, अब साल 2024 वाले सेशन के छात्रों को इसके बाद एक मौका और दिया गया है।
अभी भी छात्रों के पास मौका
राज्य ओपन बोर्ड के डायरेक्टर प्रभात राज तिवारी कहते हैं कि रुक जाना नहीं योजना के अंतर्गत छात्र अभी भी अप्लाई कर सकते हैं, इसके दूसरे चरण के एग्जाम दिसंबर में होंगे इसके लिए आपको 28 अगस्त तक अप्लाई करना होगा। इसके लिए दसवीं बारहवीं के सिर्फ वही छात्र पात्र होते हैं जो दसवीं में दो से अधिक और बारहवीं में 1 से अधिक सब्जेक्ट में फेल हुए हैं। वह छात्र फिर से तैयारी करके अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए छात्र ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। अभी तक कुल 2 लाख 46 हजार छात्रों ने फॉर्म भरे हैं। तीन लाख से अधिक छात्रों के पास एक और मौका है वह जल्द से जल्द ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए एमपी ऑनलाइन या फिर राज्य ओपन बोर्ड की वेबसाइट से वह खुद मोबाइल से भी अप्लाई कर सकते हैं।
36 प्रतिशत फेल छात्र आठ साल में हुए हैं पास
'रुक जाना नहीं योजना' साल 2016 में शुरू हुई थी। इसमें अभी तक कुल 14 लाख से अधिक वह छात्र भाग ले चुके हैं जो माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा में फेल हुए हैं। इसमें 5 लाख 31 हजार छात्र पास हुए हैं। इस तरह से पिछले आठ सालों में इस योजना के तहत 36 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं।
रुक जाना नही योजना क्या है?
मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस सरकारी योजना को वर्ष 2016 में किया गया था। इस योजना में 10वीं तथा 12वीं के फेल हुए छात्र अप्लाई कर सकते हैं। साल में 2 बार परीक्षा आयोजित करता है। इस परीक्षा का आयोजन साल में पहली बार परीक्षा जून में और दूसरी बार दिसंबर में किया जाता है। हर सब्जेक्ट में फेल विद्यार्थी भी इस योजना में भाग ले सकते हैं।
जो एग्जाम मिस कर गए थे वह भी दे सकते हैं
मध्य प्रदेश की रुक जाना नहीं योजना के तहत जो छात्र किसी कारणवश 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाए थे। वह भी दोबारा इस योजना के तहत एग्जाम दे सकते हैं। अगर कोई छात्र किसी कारण मई में इस एग्जाम को नहीं दे पाता। तो वह दिसंबर में दोबारा इस योजना के तहत होने वाले एग्जाम में शामिल हो सकता है। जानकारी के अनुसार साल 2024 में 3.58 लाख छात्र दसवीं और 2 लाख से अधिक छात्र बारहवीं में फेल हुए हैं।