नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी (LIC) को मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने बड़ी राहत दी है। कंपनी का कहना है कि मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों को पूरा करने के लिए सेबी ने उसे तीन साल की मोहलत दी है। इसके मुताबिक एलआईसी को 16 मई, 2027 तक 10 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग का लक्ष्य हासिल करना है। इसके साथ ही कंपनी का शेयरों में काफी तेजी देखी जा रही है। शेयर मार्केट में गिरावट के बावजूद एलआईसी का शेयर तीन फीसदी से ज्यादा तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 10.50 बजे यह 3.11 फीसदी तेजी के साथ 960 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,175 रुपये है।
सेबी के नियमों के मुताबिक सभी लिस्टेड कंपनियों में कम से कम 25 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग होनी चाहिए। लेकिन नई लिस्ट होने वाली कंपनियों को इस नियम का पालन करने के लिए तीन साल का समय दिया जाता है। जिन कंपनियों का इश्यू के बाद मार्केट कैप एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है, उन्हें 25 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग के लिए पांच साल है। दिसंबर में फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एलआईसी को इन नियम का पालन करने के लिए 2032 तक का समय दिया था। तबसे कंपनी के शेयरों में तेजी आ रही है। एलआईसी में सरकार की 96.5 फीसदी हिस्सेदारी है। मई 2022 में सरकार इस कंपनी का एलआईसी लाई थी। इसके तहत सरकार ने कंपनी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। इसका इश्यू प्राइस 949 रुपये था।
कंपनी का रिजल्ट
पिछले एक साल में एलआईसी के शेयरों में 69 फीसदी तेजी आई है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में ग्रोथ के पटरी पर लौटने की संभावना से कंपनी के शेयरों में तेजी आई है। मार्च तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 466 फीसदी की तेजी के साथ 13,428 करोड़ रुपये रहा जबकि नेट प्रीमियम इनकम आठ फीसदी गिरकर 1.31 लाख करोड़ रुपये रह गई। पिछले साल समान तिमाही में कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम 1.43 लाख करोड़ रुपये रह गई।