
पंजीयन में कोई गलती हो गई तो वह प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाते थे। इसके अतिरिक्त नई व्यवस्था यह की गई है कि मापअप चरण के पहले भी एक बार पंजीयन का अवसर दिया जाएगा।
शासन ने दो जुलाई को प्रवेश नियम जारी कर दिए हैं। यही नियम एमडी-एमएस और एमडीएस काउंसलिंग में भी लागू होंगे। यह व्यवस्था भी की गई है कि विभिन्न श्रेणी में बाकी रहने वाली रिक्तियों को भरने के लिए दूसरे की जगह अब माअपप चरण में पात्र श्रेणी में परिवर्तित किया जाएगा।
नियम यह है कि अनुसूचित जाति (एससी) की सीटें बचने पर अनुसूचित जनजाति (एसटी) से भरी जाती हैं। इसी प्रकार एसटी की सीटें बचने पर एससी से भरने का नियम है। दोनों श्रेणी के उम्मीदवार नहीं मिलने पर इन्हें ओबीसी श्रेणी से भरा जाता है। इसी तरह से ओबीसी अभ्यर्थी नहीं मिलने पर अनारक्षित श्रेणी से भरने का नियम है।
यह नियम भी बनाया गया कि सीट लीविंग बांड और दूसरे चरण में विकल्प भरने के लिए पहले जमा कराई जाने वाली सुरक्षा निधि का नियम अब दूसरे चरण की जगह मापअप चरण से प्रभावी होगा।