
मान्यता के लिए नए सिरे से तैयारी करने के संबंध में मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों साथ बैठक की। इसमें तय किया गया है कि 15 दिन के भीतर फैकल्टी की कमी पूरी करने के लिए नई नियुक्तियां की जाएंगी।
साथ ही दूसरे कॉलेज से आवश्यकता के अनुसार फैकल्टी का स्थानांतरण किया जाएगा। इन तीनों कालेजों में 114 फैकल्टी की आवश्यकता है, लेकिन 40 भी पदस्थ नहीं हैं। फैकल्टी के अतिरिक्त बाकी तैयारी विभाग की पूरी है। उल्लेखनीय है कि ये कॉलेज भारत सरकार की सहयोग से प्रारंभ किए जा रहे हैं। 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार दे रही है।
वर्ष 2018 में छह कॉलेज खोलने की स्वीकृति केंद्र सरकार ने दी थी, जिसमें इन तीन कॉलेज के अतिरिक्त राजगढ़, श्योपुर और सिंगरौली भी शामिल थे। प्रदेश सरकार ने पहले तो केंद्र से एमओयू करने में देरी की। इसके बाद भवन निर्माण और अब फैकल्टी की भर्ती में देरी के कारण छह में से तीन कॉलेज खुल पाना भी कठिन लग रहा है।