सरकार ऐसा क्यों कर रही है?
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इंश्योरेंस कंपनियां और अस्पताल ही चाहते हैं कि वन सिंगल प्लैटफॉर्म हो। इंश्योरेंस रेगुलेटरी ऐंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने इस पहल का आगे बढ़ाया है। यह एक डिजिटल हेल्थ क्लेम प्लैटफॉर्म है, जिससे बीमा कंपनियों को अपनी लागत में भी कमी लाने का मौका मिलेगा। साथ ही, पॉलिसी धारकों को जल्द से जल्द उनका क्लेम मिल पाएगा। क्लेम से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी। यह भी पता चल सकेगा कि कौन-सी कंपनी जल्द क्लेम को क्लियर कर रही है और कौन-सी कंपनी देरी करती है। क्लेम के स्टेटस को भी आसानी से देखा जा सकेगा। पालिसी धारक अपने क्लेम की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक पर पाएंगे। अभी तक हुई वर्कशॉप्स में बीमा कंपनियों, टीपीए और अस्पतालों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रफेशनल्स ने भाग लिया है। देश में डिजिटल स्वास्थ्य लेनदेन को अपनाने और रोगी स्वास्थ्य रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए यह अहम कदम साबित होगा। इससे मरीज के इलाज का डिजिटल रिकॉर्ड रखना भी आसान होगा।