
भोपाल। अगर आप हमीदिया अस्पताल की 11वीं मंजिल पर स्थित कार्डियोलाजी विभाग में इलाज करवाने जा रहे हैं तो सतर्क रहें, यहां मरीजों और स्वजनों के लिए लिफ्ट की सुविधा नहीं हैं। यानी आपको इलाज के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी और अपने दिल को भी मजबूत करना होगा। यहां तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ी और रैंप का सहारा ही लेना होगा। इसके लिए आपको शारीरिक और दिमागी तौर पर मजबूत होने की जरूरत है। दरअसल हमीदिया अस्पताल में ब्लाक वन में 13 मंजिल हैं और वहां 13 लिफ्ट हैं लेकिन इनमें से छह खराब पड़ीं हैं। बाकी लिफ्ट के सामने लंबी कतारें लगती हैं। इधर इनके मेंटनेंस का टेंडर भी नहीं दिया गया है। जिम्मेदार लिफ्ट ठीक नहीं होने का कारण अचार संहिता को बता रहे हैं।
लिफ्ट में लग रही लंबे कतारें
गौरतलब है कि हमीदिया में लिफ्ट मेंटेनेंस का टेंडर डेढ़ माह से अटका है। प्रबंधन की तरह से नए टेंडर के लिए दो बार प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। जिस कारण लिफ्ट नहीं सुधर सकी, जिससे मरीजों को परेशानी से सामना करना पड़ रहा है। यहां 13 में से छह लिफ्ट चालू नहीं है। चार लिफ्ट इमरजेंसी, चिकित्सकों, लाजिस्टिक के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में मरीजों व परिजनों के लिए सिर्फ तीन लिफ्ट बची हैं। ऐसे में दिन के समय मरीजों व स्वजनों की भीड़ होने पर अन्य लिफ्ट के सामने लंबी लाइन लगाकर खड़ा होना पड़ता है। कई बार जल्दी पहुंचना जरुरी होने पर लंबे समय तक खड़े रहने के बजाए सीढ़ी व रैंप से चढ़कर 11 मंजिल पर स्थित कार्डियोलाजी विभाग में पहुंचने को मजबूर होते हैं।
चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने दिए थे सवा दो करोड़ रूपये
हमीदिया अस्पताल को चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने मार्च माह में 2.21 करोड़ रुपए का बजट दिया था, जिससे ब्लाक वन की लिफ्ट मेंटेनेंस के साथ अन्य काम कराए जाने थे। इस मामले में जिम्मेदारों का कहना है कि अगले सप्ताह उच्च अधिकारियों के साथ बैठकर कर इस समस्या का निदान किया जाएगा।