
भोपाल रेलवे स्टेशन को करीब 100 करोड़ रुपए से सिटी सेंटर के रूप में डेवलप किया जाएगा। यहां लोग शॉपिंग करने के साथ तफरीह भी कर सकेंगे और मनोरंजन के साधनों के अलावा तरह-तरह के जायके का लुत्फ भी ले सकेंगे। यह बदलाव पीपीपी मोड पर होगा। ड्रॉप एंड गो लेन सहित वाहनों के आवागमन के रास्ते भी अलग-अलग होंगे। दरअसल, रेलवे ने भोपाल स्टेशन के दूसरे चरण में 100 करोड़ रुपए से री-डेवलपमेंट करने का निर्णय लिया है। इसके लिए पश्चिम-मध्य रेल जोन जल्द ही ऑफर बुलाएगा।
गौरतलब है कि पहले चरण के तहत भोपाल स्टेशन के दोनों ओर नई बिल्डिंग सहित इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप कर लिया गया है। दोनों तरफ के अतिक्रमण को हटाने के लिए जल्द ही नगर निगम प्रशासन से बात की जाएगी। यह जानकारी सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने एसीएम व रेल मंडल प्रवक्ता नवल अग्रवाल की मौजूदगी में मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए भोपाल स्टेशन पर सबसे पहले प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर एयरपोर्ट की तर्ज पर पार्किंग की व्यवस्था शुरू की जाएगी।
री-डेवलपमेंट में यह होगा
यूटीएस एप पर स्कीम... अन रिजर्व टिकट काउंटरों की संख्या कम करने और वहां भीड़ घटाने के लिए यूटीएस मोबाइल एप पर स्कीम शुरू होगी। फिलहाल टिकट बनवाने वालों को 3% बोनस मिल रहा है। भोपाल स्टेशन पर एक काउंटर पर शुरू किए गए क्यूआर कोड से 14% तक यात्री अन रिजर्व टिकट बनवा रहे हैं।