
लोकसभा चुनाव आचार संहिता के कारण शहर में 50 से ज्यादा निर्माण कार्य अटके पड़े हैं। इधर, नामांतरण से लेकर छोटे-छोटे काम के लिए लोग तहसीलदार से लेकर एसडीएम के ऑफिस में चक्कर काट रहे हैं।
तहसीलदार और एसडीएम के ही यहां नामांतरण की 2 हजार से ज्यादा और सीमांकन के 200, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्त करने, नक्शा और शिकायतों को मिलाकर करीब 6 हजार मामले पेंडिंग हैं। इसके साथ ही राशन के लिए हर महीने करीब 1500 पात्रता पर्ची बनती हैं, जो आचार संहिता लगने के बाद से रुकी हुई हैं। 16 मार्च से आचार संहिता लगी थी।
10 का वर्क ऑर्डर जारी, भूमिपूजन नहीं हो सका
आचार संहिता के कारण शहर में सड़कों और नाली निर्माण जैसे 50 काम रुक गए हैं। इनमें करीब 10 ऐसे हैं जिनका वर्कऑर्डर तो जारी हो गया, लेकिन भूमिपूजन नहीं हो सका। शेष कामों के या तो टेंडर होना हैं या टेंडर हो गया है तो वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो सका है। निगम रुके कामों की सूची बना रहा है, ताकि आचार संहिता हटते ही काम शुरू हो सके।
कमिश्नर बोले- जल्द निपटारा करें
2 साल से ज्यादा पुराने मामले पहले हल होंगे
संभागायुक्त भोपाल डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कलेक्टर, राजस्व न्यायालय में दो साल से अधिक समय से दर्ज प्रकरणों का निराकरण जल्द करने के निर्देश दिए हैं। सभी लंबित राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाएं। अगले माह राजस्व न्यायालय के केसों पर अलग से बैठक होगी।
फरवरी में 1500 से ज्यादा मामले लंबित थे
राजधानी में फरवरी मध्य तक नामांतरण के 1500 से ज्यादा मामले लंबित थे। अभिलेख दुरुस्त करने के 100 से ज्यादा, नक्शा संबंधी मामले डेढ़ लाख से ज्यादा और केवाईसी के ढाई लाख से ज्यादा मामलों पेंडिंग थे। लंबित मामलों में प्रदेश में भोपाल जिला 55वें नंबर पर था।
लोक सेवा केंद्र में सिर्फ आवेदन लिए जा रहे... भोपाल में 4 लोक सेवा केंद्र हैं। यहां रोज करीब हजार लोग सभी विभागों की 600 सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं। इन सेवाओं की सत्यापित कॉपी एक दिन से लेकर 90 दिन की अवधि में बनानी होती है। दो महीने से काम अटके हैं। यहां सिर्फ आवेदन लिए जा रहे हैं।
आम लोगों से जुड़े काम दोबारा से शुरू करने को कहा है। सभी तहसीलदार और एसडीएम के यहां अकेले नामांतरण के ही 2 हजार से ज्यादा मामले पेंडिंग हैं। सभी को लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए हैं।
-कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर