इन इलाकों में बारिश का अनुमान
हालांकि मानसून द्रोणिका अभी भी मप्र से होकर गुजर रही है। इसके अलावा हिमाचल और झारखंड के पास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बने रहने से बुधवार को रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, डिंडोरी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शेष जिलों में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। हालांकि कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
यहां सक्रिय हैं वेदर सिस्टम
मानसून द्रोणिका औसत समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर तक फैली हुई है और जैसलमेर, जयपुर, ग्वालियर, सतना, जमशेदपुर से होकर पूर्व-दक्षिणपूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। हिमाचल प्रदेश और आसपास के इलाकों में औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। झारखंड और आसपास के इलाकों में औसत समुद्र तल से 3.1 और 7.6 किमी ऊपर दक्षिण की ओर झुका हुआ चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में औसत समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। बांग्लादेश और आसपास के इलाकों में औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। पूर्वोत्तर अरब सागर और उससे सटे सौराष्ट्र में दक्षिण की ओर झुकाव के साथ चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं दक्षिण गुजरात से केरल तक एक अपतटीय द्रोणिका भी बनी हुई है।
मौसम विभाग के पूर्व वरिष्ठ विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि मानसून द्रोणिका प्रदेश के ग्वालियर, सतना होकर गुजर रही है। इसके अलावा हिमाचल और झारखंड भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम समेत 10-11 जिलों में बौछारें पड़ सकती हैं। बाकी हिस्सों में बारिश से फिलहाल राहत रहेगी।