भोपाल। प्रदेशभर की 15 हजार से अधिक पंचायतों से आए सरपंचों ने मंगलवार सुबह राजधानी भोपाल में में डेरा डाल दिया। वे तुलसी नगर स्थित आंबेडकर मैदान में एकत्र हुए और सरकार से 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे। यहां से वे मुख्यमंत्री आवास घेरने के लिए निकले।
इस बीच प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने उन्हें मनाने का प्रयास भी किया, लेकिन बात नहीं बनने से सरपंच घेराव के लिए आगे बढ़ने लगे। जैसे ही वे आगे बढ़े पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। महिला सरपंच पुलिस के घेरे को तोड़कर आगे बढ़ने लगी तो बैरिकेड्स लगा दिए गए। इसके बाद ज्ञापन देते हुए सरपंच संघ के अध्यक्ष राजवीर सिंह तोमर ने 15 दिन का अल्टीमेटम देकर आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया।
सरपंचों को मिले वित्तीय अधिकार - जीतू
उधर, शाम को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी प्रदर्शनस्थल पहुंचे और सरपंचों की मांगों का समर्थन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ग्राम स्वराज की व्यवस्था में वित्तीय मामलों से लेकर ग्राम पंचायत के कार्यों में पूरी जवाबदेही सरपंच की होती है, इसलिए सरंपच को वित्त का अधिकार मिलना चाहिए, न कि सचिव को। उन्होंने पंच को पांच हजार और सरपंच को 20 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतनमान देने की मांग प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री से की।