खाली हाथ देश छोड़कर भागीं शेख हसीना:हेलिकॉप्टर में नोट भरकर ले गए अफगान प्रेसिडेंट

Updated on 06-08-2025 01:19 PM

देशभर में PM शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। हजारों लोग राजधानी ढाका में सड़कों पर निकल आए थे और PM हसीना के आवास गणभवन की तरफ बढ़ रहे थे।

बांग्लादेश पुलिस और सेना ने हर तरीके से इसे दबाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के आगे उनकी नहीं चली। शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने शेख हसीना को देश छोड़ने की सलाह दी। प्रदर्शनकारी बेहद नजदीक थे, इसलिए उन्हें सिर्फ 45 मिनट का समय मिला।

हसीना जब भारत आईं तो उनके पास कई जरूरी सामान तक नहीं था। इस वजह से उन्हें गाजियाबाद के पास हिंडन एयरबेस पर उतरते ही खरीदारी करनी पड़ी थी। उन्हें भारत आए 1 साल पूरे हो गए हैं। पिछले एक साल से वे भारत में गुमनाम जिंदगी जी रही हैं।

शेख हसीना अकेली वर्ल्ड लीडर्स नहीं हैं, जिन्हें अपना देश छोड़ना पड़ा है। दुनिया में ऐसे कई लीडर्स हैं जिन्हें तख्तापलट, जनता का विद्रोह, गिरफ्तारी या मौत की सजा के डर से देश छोड़ना पड़ा।

अफगानिस्तान- गनी ने तालिबान के डर से देश छोड़ा, हेलिकॉप्टर में पैसे लेकर भागे

अशरफ गनी एक प्रभावशाली पख्तून परिवार से हैं। रूस के अफगानिस्तान पर हमले के बाद गनी ने देश छोड़ दिया था और अमेरिका चले गए थे। वहां उन्होंने कई यूनिवर्सिटी में पढ़ाया और फिर वर्ल्ड बैंक से भी जुड़े रहे। साल 2001 में अफगानिस्तान से तालिबान शासन के खात्मे के बाद वे वापस लौटे।

अमेरिका की मदद से साल 2014 में राष्ट्रपति बने। हालांकि, साल 2020 में दोहा समझौते के बाद जब अमेरिका ने अफगानिस्तान से सेना हटाना शुरू किया, तो इससे गनी की सरकार कमजोर पड़ गई और 2021 में तालिबान ने तेजी से देश पर कब्जा कर लिया।

15 अगस्त 2021 को तालिबान के काबुल पहुंचने पर गनी हेलिकॉप्टर से राष्ट्रपति भवन छोड़कर भाग निकले। उन्होंने बाद में कहा कि उन्होंने खून-खराबे को रोकने के लिए ऐसा किया। काबुल में रूसी दूतावास ने दावा किया कि गनी अपने साथ हेलिकॉप्टर में 169 मिलियन डॉलर (करीब 1400 करोड़ रुपए) लेकर भागे हैं।

हालांकि, गनी ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज किया है। फिलहाल वे UAE के नेताओं से बातचीत करके फिर से सार्वजनिक जीवन में एक्टिव होने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा वे सोशल मीडिया पर अफगानिस्तान से जुड़े पोस्ट करते रहते हैं।

सीरिया- असद ने 24 साल तक राज किया, सिर्फ 11 दिन में सत्ता छिनी

बशर अल-असद साल 2000 में अपने पिता की मृत्यु के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बने थे। सत्ता संभालने के बाद शुरुआत में उन्होंने खुद को सुधारवादी और आधुनिक नेता के तौर पर पेश किया। साल 2011 में जब अरब क्रांति की लहर सीरिया तक पहुंची तो उन्होंने इसे सख्ती से दबाने की कोशिश की।

रूस और ईरान जैसे देशों की मदद से असद ने देश में चल रहे विद्रोह को दबा दिया। हालांकि, 2024 में स्थितियां बदल गईं। तुर्किये के समर्थन वाली सीरियन नेशनल आर्मी और हयात तहरीर अल-शाम जैसे गुटों ने विद्रोह कर दिया। जान बचाने के लिए असद को रूस भागना पड़ा और सिर्फ 11 दिन में असद की सत्ता छिन गई।

बशर अल-असद फिलहाल मॉस्को में शरण लिए हुए हैं। उन्हें राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने या मॉस्को छोड़ने की इजाजत नहीं है।

वेनेजुएला- गुआइडो ने खुद को राष्ट्रपति घोषित किया, फिर देश छोड़ भागे

एक छात्र नेता के तौर पर राजनीति में एंट्री करने वाले जुआन गुआइडो बाद में वेनेजुएला में प्रमुख विपक्षी नेता बन गए। साल 2018 में वेनेजुएला में राष्ट्रपति चुनाव हुए, जिसे निकोलन मादुरो ने जीता। विपक्ष को पूरी चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था, इसलिए अमेरिका समेत 60 देशों ने चुनाव को अवैध माना।

इसके बाद गुआइडो ने मादुरो की जीत को अवैध करार देते हुए खुद को वेनेजुएला का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया। देश की अधिकांश जनता गुआइडो के साथ थी। उन्हें देश के विपक्षी नेताओं समेत अमेरिका और दर्जनों देशों ने मान्यता भी दी।

गुआइडो ने मादुरो को हटाने के लिए सेना से समर्थन मांगा, लेकिन नाकाम रहे। अप्रैल 2019 में गुआइडो ने मादुरो को हटाने के लिए 'ऑपरेशन लिबर्टी' विद्रोह शुरू किया, लेकिन वह असफल रहे।

गुआइडो के इस कदम की बहुत आलोचना हुई। मादुरो ने गुआइडो को विदेशी ताकतों का मोहरा बताया और उन पर कई मुकदमे किए। अमेरिका 2021 तक गुआइडो को समर्थन देता रहा, लेकिन बाद में वह समर्थन भी खत्म हो गया।

इसके बाद वेनेजुएला की विपक्षी पार्टियों ने गुआइडो को समर्थन देना बंद कर दिया। इसके बाद गिरफ्तारी के डर से वे अप्रैल 2023 में देश से भाग गए। उन्होंने अमेरिका में शरण मांगी। वे अब अमेरिका में ही रहते हैं।

जुआन गुआइडो का राजनीतिक कद पहले के मुकाबले काफी घट चुका है। अब वे सोशल मीडिया पर ही एक्टिव नजर आते हैं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 March 2026
तेहरान: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग के बीच आज किसी चीज की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह है होर्मुज जलडमरूमध्य है। इसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait Of Hormuz)…
 19 March 2026
तेहरान/दोहा: इजरायल ने बुधवार को ईरान स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड पर हमला हमला किया है। साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से बौखलाए ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के…
 19 March 2026
वॉशिंगटन: भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु संघर्ष का खतरा वास्तविक है और दोनों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के चलते यह बना हुआ है। अमेरिकी सीनेट में बुधवार को पेश ‘यूएस…
 19 March 2026
न्यूयॉर्क : अमेरिका में युद्ध कभी सिर्फ विदेश नीति नहीं होता, यह हमेशा घरेलू राजनीति में बदल जाता है। ईरान पर हमला करने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस की औपचारिक…
 19 March 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी में भारी बढ़ोतरी की योजना पर विचार कर रहे हैं। इसमें हजारों अमेरिकी सैनिकों की तैनाती संभावित है। रॉयटर्स ने…
 19 March 2026
रियाद: सऊदी अरब ने कहा है कि ईरान की ओर से हो रहे हमलों का जवाब देने का उनकी सेना को हक है और वह इस तरफ बढ़ सकते हैं।…
 18 March 2026
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए सुनिश्चित करने के लिए मिशन स्टार्ट कर दिया है। कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के तट…
 18 March 2026
तेहरान: ईरान के सबसे ताकतवर शख्स अली लारीजानी की इजरायल के हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने मंगलवार को इसकी पुष्टि कर दी…
 18 March 2026
तेल अवीव: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक और वीडियो पोस्ट कर बताया है कि वह जिंदा हैं। नेतन्याहू का नया वीडियो ऐसे समय में आया है, जब इंटरनेट पर उनकी…
Advt.