
भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर में ट्रैक पर 80Km की स्पीड से ट्रेन दौड़ चुकी है, और कमर्शियल रन को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसी बीच मेट्रो के दूसरे फेज के काम की शुरुआत भी कर दी गई है। सुभाषनगर से करोंद के बीच 8.77 Km लाइन बिछेगी। इस पर कुल 1540 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए मिट्टी की टेस्टिंग शुरू हो गई है। लाइन बिछाने वाली कंपनी ने करोंद से मिट्टी के सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं।
इधर, 8.77Km में से 3.39 Km लंबा रूट अंडरग्राउंड रहेगा। इस रूट पर भी मंथन का दौर शुरू हो चुका है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी सीबी चक्रवर्ती, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण ने रोड सेफ्टी और डायवर्सन पर मंथन किया है। मीटिंग में चर्चा की गई कि जब अंडरग्राउंड रूट का काम शुरू होगा, तब आम लोगों की सुरक्षा के लिए क्या कवायदें होंगी और रूट को कैसे डायवर्ट करना पड़ेगा। इस रूट पर 95% सरकारी जमीन है। बाकी प्राइवेट लैंड भी हिस्से में आएगी। इसके लिए भी एमडी चक्रवर्ती ने कलेक्टर सिंह से चर्चा की है।
मेट्रो की ऑरेंज लाइन, CM कर चुके भूमिपूजन
बता दें कि भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन यानी एम्स से करोंद तक का रूट कुल 14.99 Km लंबा है। इसमें सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 Km का प्रायोरिटी कॉरिडोर है। 8 में से 5 स्टेशनों के बीच अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन हुआ था। रानी कमलापति, सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी के सामने और एमपी नगर के स्टेशनों का काम 90% से ज्यादा पूरा हो चुका है। एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशनों का सिविल वर्क पूरा हो चुका है, जबकि फिनिशिंग से जुड़े काम निपटाए जा रहे हैं। वहीं, डीआरएम ऑफिस चौराहे पर स्टील ब्रिज का निर्माण हो रहा है। रेलवे ट्रैक के ऊपर से भी ब्रिज गुजरेगा। इसके लिए रेलवे से ब्लॉक मांगा गया है। दूसरी ओर, ट्रेन अपने अधिकतम स्पीड में भी दौड़ चुकी है।
अब समझे दूसरे फेज के 2 प्रोजेक्ट...
प्रोजेक्ट-1 : 650 करोड़ में 6 स्टेशन बनेंगे
सुभाष नगर डिपो से करोंद तक के रूट में कुल 2 फेज में काम होगा। कुल 8.77 Km में से 5.38 Km हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इसमें 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यूआरसी कंस्ट्रक्शन यह काम करेगी। यही कंपनी सुभाष नगर, डीबी मॉल, एमपी नगर, केंद्रीय स्कूल, आरकेएमपी, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस और एम्स स्टेशनों का काम भी कर रही है। मिट्टी की टेस्टिंग भी शुरू हो गई है।
कब पूरा करना है
साढ़े 3 साल में काम पूरा करने का टारगेट रहेगा। इसी अवधि में स्टेशन और ट्रैक बिछाया जाएगा।
इन 6 जगहों पर बनेंगे मेट्रो स्टेशन
प्रोजेक्ट-2: 890 करोड़ रुपए में अंडरग्राउंड रूट बनेगा
8.77 Km के रूट में 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह काम अलग कंपनी करेगी। इसके लिए मेट्रो कॉर्पोरेशन के एमडी, कलेक्टर और निगम कमिश्नर समेत अफसरों के बीच मीटिंग हो चुकी है।
कब पूरा करना है
यहां से अंडरग्राउंड गुजरेगी मेट्रो
रेलवे ट्रैक और मेन रोड पर दो स्टील ब्रिज बन रहे
भोपाल में मेट्रो के लिए 103 मीटर लंबे दो स्टील ब्रिज बनाए जा रहे हैं। डीआरएम ऑफिस में पहले 48 मीटर लंबे ब्रिज का काम पिछले तीन महीने से चल रहा है। 65 मीटर लंबा दूसरा ब्रिज रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। इसके लिए रेलवे से अप्रूवल अभी नहीं मिली है। दूसरी ओर, सड़क के ऊपर जो ब्रिज बनना है, उसका स्ट्रक्चर पूरा हो गया है। ये ब्रिज राजस्थान के अलवर में बने हैं। ये दिल्ली मेट्रो जैसे ही डिजाइन किए गए हैं।
भोपाल में अब तक 5 मेट्रो आई
गुजरात के सांवली (बड़ोदरा) से भोपाल में कुल 5 मेट्रो आ चुकी है। इनका 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी हो चुका है। हर दिन मेट्रो को ट्रैक पर दौड़ाया जा रहा है।
काम शुरू होने के बाद साढ़े 3 साल में पूरा करने का टारगेट रहेगा। मेट्रो की दोनों लाइन का यह अकेला अंडरग्राउंड हिस्सा रहेगा।