
इन 16 में काम करेगी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पीआरओ मनोज द्विवेदी ने बताया कि कंपनी के अंतर्गत आने वाले सभी 16 जिलों में इस योजना पर काम किया जा रहा है। इनमें भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, राजगढ़, विदिशा, अशोक नगर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, रायसेन, सीहोर और भोपाल शामिल हैं।
पांच वर्ष में वसूल हो जाएगी लागत, इसके बाद बिजली मुफ्त
एक मध्यमवर्गीय परिवार में हर महीने 350-400 यूनिट बिजली की खपत होती है। ऐसे परिवारों के लिए तीन किलोवाट का प्लांट लगाया जाता है, जिसमें करीब 360 यूनिट बिजली बनती है। इस प्लांट को लगवाने में उपभोक्ता को लगभग दो लाख रुपये तक का खर्च आता है। इसमें केंद्र सरकार 78 हजार रुपये सब्सिडी के
रूप में खाते में लौटा देती है। यानी इस प्लांट का खर्च करीब सवा लाख रुपये आएगा। इसे यदि मासिक बिजली बिल से जोड़ेंगे तो पूरी लागत पांच वर्ष में निकल आएगी। इसके बाद इस्तेमाल होने वाली बिजली मुफ्त रहेगी। इसके एवज में केवल फिक्स चार्ज देना होगा, जो करीब 300-350 रुपये मासिक होता है।
क्या है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना इसी वर्ष 22 जनवरी को घोषित की गई है । इसके तहत करीब एक करोड़ लोगों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से गांव-शहरों में रूफटाप सोलर प्लांट लगवाने वालों को सब्सिडी दी जाएगी। पहले तीन किलोवाट तक का प्लांट लगवाने पर 45 हजार रुपये तक की सब्सिडी की योजना थी। ये सब्सिडी लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
आंकड़ों में सौर ऊर्जा
- डोमेस्टिक सोलर प्लांट - 9127
इनकी क्षमता - 43768.33 केवी
नान डोमेस्टिक सोलर प्लांट- 1308
इनकी कैपेसिटी- 17488.34 केवी