इसके बाद कंपनी ने बूढ़ाखेड़ा स्थित सब स्टेशन में नया ट्रांसफॉर्मर लगाया। सीआरपी में भी लोड बढ़ावा गया, इससे नागरिकों को कुछ समय राहत मिली। अब वर्षा होते ही बिजली बार-बार बंद हो रही है। हाल ही में मानसून पूर्व रखरखाव के नाम पर कालोनी स्तर पर दो से चार घंटे तक बिजली बंद रखी गई। कई स्थानों पर पेड़ों छंटाई की गई, इसके बावजूद बार-बार बिजली गुल होने से कंपनी के लाइन मेंटेनेंस पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
अब लोड बढ़ने का बहाना नहीं
ग्रीष्मकाल में कंपनी ने तर्क दिया कि कई इलाकों में नए एसी लगने से लोड़ बढ़ जाता है। इससे ट्रांसफॉर्मरों में फाल्ट आ रहा है। लेकिन अब वर्षा क मौसम में एसी का उपयोग कम हो गया है। लाइनों पर लोड भी कम पड़ रहा है, फिर भी फाल्ट की समस्या आ रही है।
रहवासी महेश कुमार गुरबानी के अनुसार बिजली गुल होने की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई बार तो शिकायत करने पर बिजली सप्लाई बहाल हुए बिना ही संदेश आ जाता है कि आपकी शिकायत का समाधान कर दिया गया है। चंचल रोड पर भूमिगत केबल में बार-बार फाल्ट आने से वर्षा शुरू होते ही बिजली बंद हो रही है। इस समस्या का स्थायी हल नहीं निकाला जा रहा है।
शिकायतों का समाधान करते हैं
बिजली बंद होने की शिकायत मिलते ही समाधान का प्रयास किया जाता है। कई बार एचटी लाइन सुधार के लिए अलग अमला है। इसे आने में देर हो जाती है जिससे सुधार कार्य में देरी होती है। हम अपने स्तर पर त्वरित निराकरण के प्रयास करते हैं। चंचल रोड पर नगर निगम से भूमिगत केबल बदलने का आग्रह किया गया है।
- नवनीत श्रीवास्तव, प्रबंधक मक्षेविविकं