
एसीपी ने प्रजेंटेशन के माध्यम से उन चौराहों की स्थिति बताई, जहां ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत मधुमिलन चौराहा की थी। उलझते वाहनों की तस्वीर देखकर तय हुआ कि चौराहे पर दो रोटरी और दो सिग्नल बनाए जाएंगे।
इसके पूर्व एसजीएसआईटीएस कॉलेज के इंजीनियर और ट्रैफिक पुलिस की टीम दौरा करेगी। स्कीम-140 स्थित अंडर बायपास की व्यवस्था सुधारने के लिए आइलैंड तोड़ने की योजना बनाई है। इसी तरह स्टार चौराहा से देवासनाका तक का दबाव कम करने के लिए भारी वाहनों को एमआर-11 से निकाला जाएगा।
हालांकि इस रोड पर चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी बनाया गया है। डीसीपी (ट्रैफिक)अरविंद तिवारी के मुताबिक आजादनगर चौराहा पर तो रोटरी में खामी है। इसके कारण यातायात का दबाव व्हाइट चर्च तक आता है। नई रोटरी आईआरसी के मानकों के अनुसार बनाई जाएगी।
आयुक्त के मुताबिक छावनी चौराहा पर वाहन उलझते हैं। इस चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस स्टडी करेगी। अग्रसेन चौराहा और मधुमिलन चौराहा से आने-जाने वाले वाहन सुगमता से निकाले जाएंगे। इंदिरा गांधी प्रतिमा से छावनी तक जगह कम है। अतिक्रमण हटाकर लेफ्ट टर्न डिवाइडर बनाने का प्रस्ताव बनाया है। एसीपी किरण शर्मा ने कहा कि जीपीओ चौराहा पर बिजली के पोल हटाने हैं। रोड मार्किंग और कैट आई की आवश्यकता है।