
भोपाल के बड़ा तालाब में डेढ़ महीने के अंदर 2 फीट पानी घट गया। इसकी वजह चोरी और गर्मी रही है। तेज गर्मी से पानी का वाष्पीकरण हुआ। बड़ा तालाब से शहर के 20% हिस्से में पानी की सप्लाई होती है। पानी घटने से पेयजल आपूर्ति में कोई दिक्कतें नहीं आएंगी।
बता दें कि शहर की लाइफ लाइन बड़ा तालाब का लेवल 1666.80 फीट है। बारिश में बड़ा तालाब पूरा भर गया था। इससे भदभदा डैम के गेट खोलने पड़े थे। 1 अप्रैल की स्थिति में बड़ा तालाब में 1661.50 फीट पानी था, जो 15 मई को 1659.50 फीट रहा। यानी, डेढ़ महीने में ही पानी 2 फीट कम हो गया।
बिशनखेड़ी समेत आसपास के इलाके में पानी की चोरी
नगर निगम के सहायक यंत्री (जल कार्य) अजय सिंह सोलंकी ने बताया, मानसून सीजन में सीहोर जिले में अच्छी बारिश हुई थी। इस कारण बड़ा तालाब फुल भर गया था। तालाब के आसपास के इलाकों में पानी कम गिरा था। इस कारण किसानों ने सिंचाई के लिए भी पानी लिया। बिशनखेड़ी में ही फुल टैंक लेवल का मानीटर लगा है। यहां से भी पानी चोरी हुआ। इस कारण पानी तेजी से घटा। हालांकि, निगम की सख्ती के चलते अब चोरी के मामले नहीं हो रहे हैं।
पिछले साल से भी 2 फीट का अंतर
पिछले साल 11 मई तक बड़ा तालाब में 1661.30 फीट पानी था, जो इस साल 1659.50 फीट पर आ गया है। यानी, पिछले साल के मुकाबले अबकी बार पानी तेजी से कम हुआ है।
इन इलाकों में पहुंचता है पानी
बड़ा तालाब से हर दिन पुराने शहर समेत बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) समेत आसपास के इलाकों की 3 लाख से ज्यादा आबादी को पानी की सप्लाई की जाती है। 20 प्रतिशत से ज्यादा इलाकों में पानी पहुंचता है। बड़ा तालाब से हर रोज 25 MGD (मिलियन गेलन पानी प्रतिदिन) सप्लाई होता है।
सप्लाई पर कोई असर नहीं
नगर निगम के सहायक यंत्री जल कार्य सोलंकी ने बताया कि गर्मी की वजह से बड़ा तालाब में पानी जरूर घट रहा है, लेकिन इससे सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बड़ा तालाब में पर्याप्त पानी है। लोगों को पानी की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है।